सुर सम्राट उस्ताद अली अकबर खां
अभिजीत रायचौधरी देश एवं विदेश में भारतीय शास्त्रीय स्वर वाद्य संगीत की चर्चा हो, उस्ताद अली अकबर खां, पं0रविशंकर, उस्ताद विलायत खां, पं0 निखिल बनर्जी, पं0 शिव कुमार शर्मा, पं0 हरिप्रसाद चौरसिया जी, उस्ताद अमजद अली खां आदि की चर्चा न हो, यह हो ही नहीं सकता। मैहर घराने के शिखर पुरुष उस्ताद अली अकबर खान का जन्म 14 अप्रैल 1922 को ग्राम शिवपुर, जिला त्रिपुरा में हुआ। बहुत अल्प आयु में ही उन्होंने अपने पिता बाबा उस्ताद अलाउददीन खां से सरोद वादन की पारम्परिक शिक्षा लेना प्रारम्भ कर दिया। बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खां ने रामपुर के उस्ताद अहमद अली तथा उस्ताद वजीर खां से सरोद वादन की शिक्षा प्राप्त की थी। बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खा सरोद के साथ-साथ वायलिन, सुरसिंगार, क्लैरियनेट, इसराज, तबला आदि अनेक वाद्यों के कुशल कलाकार तो थे ही, एक आदर्श गुरु भी थे। उनके कठोर अनुशासन एवं अली अकबर खां की कड़ी मेहनत और प्रतिदिन Read More …