संस्कृत नाटकों में राजनीति के आयाम : भास के महाभारत आधारित नाटकों के विशेष संदर्भ में।
MADAN MOHAN 1 संस्कृत नाटक भारतीय रंगमंच के आरंभिक काल को दर्शाता है जिसका आधार नाट्यशास्त्र है। भारतीय रंगमंच की शुरुआत नाट्यशास्त्र से ही मानी जाती है जिसकी भाषा संस्कृत है। नाट्यशास्त्र में मिले संदर्भ के अनुसार भारतीय रंगमंच परंपरा के प्रथम नाटक में ही राजनीति का समावेश हो जाता है जब नाटक देवासुर-संग्राम को भरतमुनि के शिष्यों के द्वारा खेला गया जिसे देखकर असुरों को लगा कि ये उनके खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र है असुरों को नीचा दिखाने के लिए और फिर असुरों ने बहुत उत्पात मचाया जिसके परिणाम स्वरूप रंगमंडप विधान तैयार किया गया तथा रंगमंडप का निर्माण कर उसके अलग अलग कोने में देवताओं को बैठाया गया उसकी रक्षा करने के लिए साथ ही जर्जर ध्वज की स्थापना भी की गई। चुकि नाटक आम जीवन का ही प्रतिविम्ब है अतः जब जीवन ही राजनीति से अछूता नहीं है तो रंगमंच कैसे रह सकता है। आमतौर पे राजनीति का जो Read More …